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नर से नारायण तक पहुंचने का उत्तम मार्ग है भागवत ….अचार्य चेतनानंदगिरी जी महाराज | The News Day

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*नर से नारायण तक पहुचने का उत्तम मार्ग है भागवत- आचार्य चेतनानंदगिरी जी महाराज*

जीरन। नगर के अयोध्यापुरी कालोनी में श्रीनाथ बिल्डकॉन द्वारा आयोजित की जा रही श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। भागवत कथा से पहले नगर के पीपल चौक स्थित श्री कृष्ण मंदिर से कलश यात्रा प्रारम्भ हुई जो नगर के प्रमुख मार्गों से होकर कथा पांडाल अयोध्यापुरी पहुंची। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर सम्मिलित हुई। इस अवसर पर बैंड बाजो और ढोल के साथ श्रध्लुजन कथा पंडाल में पहुंचे। कलश यात्रा का नगर में जगह जगह भव्य स्वागत किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भागवत पुराण की स्थापना की गई। दोपहर 1 बजे से आचार्य श्री चेतनानंद गिरी जी महाराज के मुखारविंद से भागवत कथा प्रारम्भ हुई। कथा के प्रथम दिन आचार्य श्री ने कहा कि भागवत कथा सार्वजनिक प्याऊ है जो सभी के लिए समान रूप से प्यास बुझाने का माध्यम है। आचार्य श्री ने भागवत कथा के महत्व को बताया और सच्चिदानंद भगवान श्री हरि के स्वरूप को विस्तारस्वरूप वर्णन किया बताया कि सचिदानंद स्वरूप आदि अनंत हैं। जैसे बाहरी लोगों को किसी निर्माण के लिए भौतिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। लेकिन जैसे मकड़ी जाला अपने थूक से बनती है और निगल भी जाति है उसी तरह भगवान भी बाहर से कुछ भी नहीं लेता है । वो स्वयं योगेश्वर है वो अपने द्वारा आपको इस भूलोक में भेजता है और उसी प्रकार वापस अपने पास बुला लेता है। इसी लिए हम धरती को माँ कहते हैं। भागवत कोई मनोरंजन का साधन नहीं है  भागवत उस सचिदानंद भगवान से आपको जोड़ने का एक मात्र साधन है। जिस तरह से अधिक धनवान व्यक्ति को और अधिक ज्ञानी को अभिमान हो जाता है उनको एक बार भागवत कथा का श्रवण करवा दो तो उनको पता चल जाएगा कि वो क्या है।
संगीतमय भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर एक बजे से शाम 4 बजे चलेगी। जिसका समापन 14 दिसम्बर मंगलवार को होगा।

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