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नीमच: श्री अग्रसेन सोश्यल ग्रुप के तत्वावधान में 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञानगंगा महोत्सव 24 से |

नीमच: श्री अग्रसेन सोश्यल ग्रुप के तत्वावधान में 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञानगंगा महोत्सव 24 से

भागवताचार्य पं. श्री भीमाशंकर जी शास्त्री के मुखारविंद से बहेती श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा

अग्रसेन सोश्यल ग्रुप के तत्वावधान में 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञानगंगा महोत्सव 24 से

नीमच। श्री अग्रसेन सोश्यल ग्रुप के तत्वावधान में 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव का आयोजित होगा। कथा का आयोजन 24 से 30 दिसंबर तक शहर के सिटी रोड़ स्थित पारसमणि मैरिज गार्डर के परिसर में किया जाएगा। कार्यक्रम में भागवत ज्ञानगंगा भागवताचार्य पं. भीमाशंकर जी शास्त्री (धारियाखेड़ी वाले) के मुखारविंद से प्रवाहित होगी।

आयोजक समिति श्री अग्रसेन सोश्यल ग्रुप के अध्यक्ष अरूण गोयल(पेंट्स), सचिव रितेश गर्ग (पारसमणि), कोषाध्यक्ष मुरारीलाल सिंहल, संयोजक ओमप्रकाश अग्रवाल(हनी), सह संयोजक डॉ. कमल अग्रवाल, दिनेश गर्ग और कार्यक्रम कोषाध्यक्ष अरूण गोयल(ज्वेलर्स) ने संयुक्त रूप से बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अजमान गोयल जनरल परिवार व श्रीमती नारायणदेवी स्मृति पारमार्थिक न्यास रहेंगे।

11 ब्राह्मण करेंगे भागवत के 11 मूल पाठ

आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि श्रीमद् भागवत ज्ञानगंगा महोत्सव का आयोजन 24 से 30 दिसंबर को प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक होगा। कार्यक्रम में ध्वजा पूजन 20 दिसंबर को विधिविधान से किया जाएगा। 7 दिवसीय कार्यक्रम में भागवताचार्य पं. श्री भीमाशंकरजी शास्त्री के मुखारविंद से बहेती श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा बहेगी। साथ ही 11 ब्राह्मण भागवत के 11 मूल पाठ भी करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन 60 × 100 वर्गफुट का वॉटर प्रुफ डोम में होगा, जिसमें 60 × 40 का मंच पर बनेगा, जिस पर व्यास पीठ विराजीत होगी।

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कलश यात्रा से होगा भागवत कथा का शुभारंभ-

7 दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञानगंगा महोत्सव का शुभारंभ 24 दिसंबर को कलश यात्रा से होगा। कलश यात्रा सिटी रोड़ स्थित श्री सांवरिया सेठ मंदिर से सुबह 10 बजे निकलेगी और कलश यात्रा का समापन आयोजन स्थल पारसमणि गार्डन में होगा।

अग्रसेन सोश्यल ग्रुप

पं. शास्त्री के मुखारविंद से हो चुका है 500 से ज्यादा कथा का वाचन

भागवताचार्य पं. भीमाशंकरजी शास्त्री धारियाखेड़ी वाले के नाम शायद ही कोई परिचित न हो। भागवताचार्य पं. शास्त्रीजी के जीवन को देखा जाए तो उनका जन्म 21 जुलाई 1975 को पं. कमलाशंकर शर्मा और सावित्रीबाई शर्मा के घर आंगन में हुआ था। जन्म और कर्म से ब्रा÷ण होने के कारण विषम परिस्थितियों में भागवताचार्य पं. शास्त्री संस्कृत में एमए तक की शिक्षा ग्रहण कीऔर पिता की प्रेरणा तथा भारतीय संस्कृति की रक्षा का उद्देश्य लेकर भागवत कथा करने का निर्णय लिया।

पहली कथा का श्रीगणेश मंदसौर जिले के ग्राम गुड़भेली में 1995 में किया, जिसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज तक श्री सांवरिया सेठ के आर्शवाद से 500 से अधिक कथा का वाचन भागवताचार्य पं. भीमाशंकरजी शास्त्री कर चुके हैं। पं. शास्त्री की कथा की खासियत यह है कि उनकी कथा आडम्बर से दूर होकर युवाओं को आधात्मय और भारतीय संस्कृति के प्रति आकर्षित और प्रेरित करती है।

भागवताचार्य पं. शास्त्री की विशेषता यह भी है कि वे कथा के दौरान जो भी दान राशि प्राप्त होती है, उसका उपयोग गांव की गोशाला, विद्यालय, अनाथालय और मंदिर निर्माण आदि में भेंट की जाती है। भागवताचार्य श्री शास्त्री का मूल उद्देश्य यह है कि समाज में कुरितिया समाप्त हो और लोग समाजिक बुराईयों से दूर होकर श्रेष्ठ समाज का निर्माण करें।

भागवताचार्य पं. शास्त्री श्रेष्ठ कथा वाचक व समाज सुधारक ही नहीं, अपितु ज्योतिष, वास्तु, मनोविज्ञान और सामुदायिक शास्त्र के भी अच्छे ज्ञाता है, जिन्होंने अपनी योग्यता के बल पर अनेक भक्तों की समस्या का निराकरण किया है। वर्ममान में वे सभी खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

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अग्रसेन सोश्यल ग्रुप के तत्वावधान में 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव 24 से भागवताचार्य पं. श्री भीमाशंकर जी शास्त्री के मुखारविंद से।

आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पधारने का आग्रह किया है। – अग्रसेन सोशल ग्रुप नीमच

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