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पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतिम पड़ाव में भगवान का मोक्षकल्याणक महोत्सव मनाया गया गिरनार पर्वत की रचना कर निर्वाण महोत्सव मनाते हुए जिनेंद्र शोभायात्रा निकाली | The News Day

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*पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतिम पड़ाव मे भगवान का मोक्षकल्याणक महोत्सव मनाया गया*

*गिरनार पर्वत की रचना कर निर्वाण महोत्सव मनाते हुए जिनेन्द्र शौभायात्रा निकाली*

*जिनेन्द्र भगवन्तो की प्रतिष्ठा के साथ कलशारोहण एवं ध्वजारोहण किया*

*सिंगोली-* स्थानीय श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जिन मंदिर श्री कुन्दकुन्द कहान धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट व दिगंबर जैन मुमुक्षु मंडल द्वारा आध्यात्मिक सत्पुरूष श्री कानजी स्वामी की मंगल प्रभावना योग से नगर मे नव निर्मित 1008 श्री आदिनाथ दिगंबर जिन मंदिर के पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मे छठे एवं अंतिम दिन भगवान नेमीनाथ का मोक्षकल्याणक मनाते हुए गिरनार पर्वत की रचना कर निर्वाण महोत्सव मनाया। तथा शोरीपुर नगरी से भव्य जिनेन्द्र शौभायात्रा निकली जो नव निर्मित जिन मंदिर पहुंची जहां जिनेन्द्र भगवन्तो की प्रतिष्ठा कर शिखर पर कलशारोहण एवं ध्वजारोहण किया गया। उपरोक्त विषय की जानकारी देते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद बजाज कोटा कार्याध्यक्ष विजय बडजात्या इन्दौर महामंत्री नवीन धानोत्या ने बताया की 3 दिसम्बर से आरंभ हुए पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के आज अंतिम दिन भगवान नेमीनाथ का मोक्षकल्याणक मनाते हुए गिरनार पर्वत की रचना की गई जिस पर भगवान नेमीनाथ का निर्वाण महोत्सव मनाया और समारोह स्थल शोरीपुर नगरी से हाथी घोडे पालकी के साथ भव्य जिनेन्द्र शौभायात्रा निकली जो नव निर्मित जिन मंदिर पहुंची जहां वरिष्ठ प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी पंडित जतिशचंद्र शास्त्री एवं उनकी टीम द्वारा मंत्रोच्चार के साथ जिनेन्द्र भगवन्तो को प्रतिष्ठीत किया गया तत्पश्चात शिखर पर कलशारोहण एवं ध्वजारोहण किया गया। धानोत्या ने बताया की पंचकल्याणक महोत्सव वरिष्ठ प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी पंडित जतिशचंद्र शास्त्री, रजनीश भाई दोषी हिम्मतनगर, अशोक भाई लुहाडियां मंगलायतन, देवेन्द्र जैन बिजौलियां के सफल निर्देशन एवं देशभर से आये वरिष्ठ जनो के मार्गदर्शन मे ऐतिहासिक पंचकल्याणक महोत्सव सफल होकर पूर्णता की ओर बढ़ रहा है। महोत्सव का समापन आज सायंकाल भक्ती संध्या के साथ होगा । पंचकल्याणक महोत्सव मे मुम्बई, बैंगलोर, दिल्ली, इन्दौर,जयपुर, अजमेर,भीलवाड़ा,कोटा, बिजोलियां, रावतभाटा,भैसरोड़गढ,बेंगू, चेची, झांतला,श्रीपुरा,आदी अनेक स्थानो के श्रावक श्राविकाओ ने भाग लेकर महोत्सव को सफल एवं ऐतिहासिक बनाया इसके लिए आयोजन समिति ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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